यूरोपीय संघ द्वारा वित्त पोषित 'रिपेयर' परियोजना के तहत, पोम्पेई की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और रोबोटिक्स का उपयोग किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य प्राचीन भित्तिचित्रों को पुनर्निर्मित करना था जो समय के साथ क्षतिग्रस्त हो गए थे। शोधकर्ताओं ने हाल ही में इस परियोजना के परिणामों को एक नई पुस्तक में प्रकाशित किया है। 'रिपेयर' का पूरा नाम 'रीकंस्ट्रक्टिंग द पास्ट: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड रोबोटिक्स मीट कल्चरल हेरिटेज' है। यह परियोजना पोम्पेई के पुरातात्विक स्थल पर क्षतिग्रस्त कलाकृतियों को बहाल करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने का एक अनूठा उदाहरण है। एआई और रोबोटिक्स के संयोजन से, शोधकर्ताओं ने भित्तिचित्रों के खोए हुए हिस्सों को सटीक रूप से पुनर्निर्मित करने में सफलता प्राप्त की है। यह पहल सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में प्रौद्योगिकी की भूमिका को उजागर करती है।
