हाल ही में एक क्रिप्टो टोकन के मूल्य में 50% की भारी गिरावट आई है, जिससे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़े हैकिंग के खतरे की गंभीरता उजागर हुई है। शोधकर्ताओं के अनुसार, वही एआई उपकरण जो डेवलपर्स को कोड की जांच करने में मदद करते हैं, हमलावरों के लिए भी बाधाएं कम कर रहे हैं। इससे उद्योग में एक तरह की हथियारों की दौड़ शुरू हो गई है। एआई के उपयोग से हैकर्स अब अधिक आसानी से सुरक्षा कमजोरियों का फायदा उठा सकते हैं। यह घटना डिजिटल संपत्ति की सुरक्षा के लिए एक चेतावनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई-संचालित हमलों से निपटने के लिए सुरक्षा उपायों को मजबूत करना आवश्यक है। इस खतरे से निपटने के लिए उद्योग में नवाचार और सहयोग की आवश्यकता है।