जुलाई में ज़ापोरोज़्जे में एक रूसी ड्रोन हमला हुआ था, जिसमें तीन लोगों की जान चली गई थी। “द न्यूयॉर्क टाइम्स” की रिपोर्ट के अनुसार, यह ड्रोन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करके स्वयं लक्ष्य का चुनाव कर सकता था। यूक्रेनी सैन्य अधिकारी, कर्नल सर्ही मिनायेव ने इस घटना को वैश्विक खतरे के रूप में वर्णित किया है। उनका कहना है कि कुछ ही वर्षों में, मनुष्य "टर्मिनेटर" फिल्म की तरह एक ऐसी स्थिति में पहुंच सकता है। इस हमले से स्वायत्त हथियारों के उपयोग को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। विशेषज्ञ इस बात पर विचार कर रहे हैं कि भविष्य में AI-संचालित ड्रोन कैसे युद्ध के मैदान को बदल सकते हैं। यह घटना स्वायत्त हथियारों के विकास और तैनाती पर अंतरराष्ट्रीय नियमों की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालती है।