स्वीडन में विकसित एक नए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) मॉडल ने एक्स-रे छवियों की व्याख्या करने में मानव विशेषज्ञों को भी पीछे छोड़ दिया है। यह मॉडल हृदय रोग के खतरे का पता लगाने में विशेष रूप से प्रभावी पाया गया है। पारंपरिक तरीकों से जहां निदान में समय लग सकता है, यह AI प्रणाली तेजी से और अधिक सटीकता से जोखिम की पहचान कर सकती है। शोधकर्ताओं का मानना ​​है कि इससे हृदय रोग के प्रारंभिक निदान और उपचार में महत्वपूर्ण सुधार हो सकता है। यह तकनीक डॉक्टरों को बेहतर निर्णय लेने और रोगियों को समय पर सहायता प्रदान करने में मदद करेगी। फिलहाल, इस मॉडल का और अधिक परीक्षण किया जा रहा है ताकि इसे व्यापक रूप से उपयोग के लिए तैयार किया जा सके। इस सफलता से स्वास्थ्य सेवा में AI के उपयोग की संभावना बढ़ गई है।