आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में क्रांति ने कुछ लोगों की शक्ति को कई गुना बढ़ा दिया है। पांच साल पहले तक अपेक्षाकृत अज्ञात रहे इन मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (सीईओ) ने अब वैश्विक अर्थव्यवस्था पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। डैरियो अमोदेई और सैम अल्टमैन जैसे ये "एआई के गुरु" अब राजनीतिक जगत से खुलकर संबंध स्थापित कर रहे हैं। वे न केवल नीति निर्माताओं को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि राज्य प्रमुखों की तरह अपनी वैश्विक दृष्टि साझा कर रहे हैं। यह एआई के बढ़ते प्रभाव और इसके नेताओं की भूमिका को दर्शाता है। वे अब अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों को आकार देने की क्षमता रखते हैं। यह एआई के युग में एक नए शक्ति संतुलन का संकेत है।