कृत्रिम बुद्धिमत्ता के जनक, जेफ्री हिंटन, ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता को एक अस्तित्वगत खतरा बताया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह तकनीक मानव अस्तित्व के लिए गंभीर चुनौती पेश कर सकती है। हिंटन ने संयुक्त राज्य अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की भी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने ट्रम्प को “भ्रष्ट, बुढ़ापे से कमजोर और अपराधी” बताया है, और कहा है कि उन्हें प्रौद्योगिकी की समझ नहीं है। हिंटन का यह बयान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास और इसके संभावित खतरों को लेकर चल रही बहस में एक महत्वपूर्ण मोड़ है। यह बयान तकनीक के क्षेत्र में एक अनुभवी व्यक्ति की चिंता को दर्शाता है। यह तकनीकी प्रगति के साथ नैतिक और राजनीतिक जिम्मेदारी की आवश्यकता पर भी प्रकाश डालता है।