हाल ही में इंडोनेशिया के मामुजू क्षेत्र में आए भूकंप के बाद, एक स्मारक टूटने की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हुई। इस तस्वीर ने लोगों में दहशत फैला दी थी, लेकिन बाद में यह पता चला कि यह तस्वीर वास्तविक नहीं है। जांच में सामने आया कि यह तस्वीर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा बनाई गई है। भूकंप के कारण हुई क्षति की वास्तविक तस्वीरों के साथ इस एआई-जनित तस्वीर को भ्रमित किया गया था। अधिकारियों ने जनता से अनुरोध किया है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली किसी भी जानकारी को सत्यापित करें, खासकर आपदा की स्थिति में। एआई तकनीक के दुरुपयोग से झूठी सूचनाएं तेजी से फैल सकती हैं, इसलिए सावधानी बरतना आवश्यक है। यह घटना एआई द्वारा बनाई गई सामग्री की पहचान करने और गलत सूचना से निपटने की चुनौतियों को उजागर करती है।
