विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (डब्ल्यूआईपीओ) के अनुसार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) वैश्विक नवाचार निवेश को महत्वपूर्ण रूप से बदल रही है। डीप-साइंस स्टार्टअप्स में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है, जो एआई प्रौद्योगिकियों के विकास और अनुप्रयोग पर केंद्रित हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि एआई पेटेंट फाइलिंग में वृद्धि हुई है, जो तकनीकी प्रगति को दर्शाती है। यह रुझान अनुसंधान और विकास के लिए वित्तपोषण के नए अवसरों को जन्म दे रहा है, विशेष रूप से डीप-साइंस क्षेत्र में। डब्ल्यूआईपीओ का विश्लेषण बताता है कि एआई नवाचार के नए मॉडल को सक्षम कर रहा है, जिससे स्टार्टअप्स के लिए बाजार में तेजी से प्रवेश करना और प्रतिस्पर्धा करना आसान हो गया है। इस बदलाव से दीर्घकालिक आर्थिक विकास और वैज्ञानिक प्रगति की उम्मीद है। इससे वैश्विक स्तर पर तकनीकी परिदृश्य में बड़ा बदलाव आने की संभावना है।