अमेरिकी वैज्ञानिकों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करके ऐसे कार्यात्मक वायरस डिज़ाइन और बनाए हैं जो प्राकृतिक रूप से मौजूद नहीं हैं। यह पहली बार है जब AI का उपयोग करके पूरी तरह से नए वायरस बनाए गए हैं। इस खोज से जैविक हथियारों के विकास की चिंताएं बढ़ सकती हैं, लेकिन वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका उद्देश्य वायरस के बारे में हमारी समझ को बढ़ाना है। शुरुआती प्रयोगों में, AI ने मौजूदा वायरस के ज्ञात प्रोटीन संरचनाओं के आधार पर नए वायरस बनाए। ये वायरस जीवित कोशिकाओं को संक्रमित करने और प्रतिकृति बनाने में सक्षम हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह तकनीक भविष्य में नई दवाओं और टीकों के विकास में मदद कर सकती है। हालांकि, इस तकनीक के नैतिक निहितार्थों पर भी विचार करना महत्वपूर्ण है।