एक नए अध्ययन में पाया गया है कि एआई डेटा केंद्र न केवल भारी मात्रा में पानी और बिजली का उपयोग करते हैं, बल्कि वे पर्यावरण को गर्म भी कर रहे हैं। ये डेटा केंद्र महत्वपूर्ण मात्रा में ऊष्मा उत्पन्न करते हैं, जिससे स्थानीय तापमान में वृद्धि हो सकती है। अध्ययन में इन केंद्रों के स्थान और उनके द्वारा उत्पन्न ऊष्मा की मात्रा पर प्रकाश डाला गया है। यह ऊष्मा उत्पादन जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को और बढ़ा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि डेटा केंद्रों की ऊर्जा दक्षता में सुधार और नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग करना आवश्यक है। डेटा केंद्रों के पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। यह मुद्दा भविष्य में और अधिक महत्वपूर्ण होने की संभावना है क्योंकि एआई तकनीक का उपयोग बढ़ता जा रहा है।