एक नए अध्ययन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) केंद्रों द्वारा अत्यधिक जल और ऊर्जा की खपत को लेकर चेतावनी जारी की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, ये केंद्र प्रति वर्ष लगभग 9.3 ट्रिलियन लीटर पानी का उपयोग कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इस खपत में तेजी से वृद्धि पर चिंता व्यक्त की है और इस मुद्दे पर सूक्ष्म दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया है। अध्ययन में विभिन्न एआई मॉडलों और उनके पर्यावरणीय प्रभाव में अंतर करने का सुझाव दिया गया है। जल और ऊर्जा की इस बढ़ती मांग से पर्यावरण पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि एआई के विकास के साथ-साथ, इसकी स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी उपाय करना आवश्यक है। इस समस्या के समाधान के लिए तकनीकी नवाचार और नीतिगत हस्तक्षेपों की आवश्यकता है।