फाइव आइज़ देशों के साइबर सुरक्षा प्रमुखों ने चेतावनी जारी की है कि कुछ राष्ट्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग करके पश्चिमी देशों की साइबर सुरक्षा को कुछ महीनों में ही कमजोर कर सकते हैं। न्यूज़ीलैंड के सरकारी संचार सुरक्षा ब्यूरो (जीसीएसबी) की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा केंद्र की प्रमुख कैट्रिओना रॉबिन्सन ने इसे तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता बताया है। उनका कहना है कि पहले माना जाता था कि ऐसा हमला वर्षों बाद होगा, लेकिन एआई के कारण यह खतरा अब निकट आ गया है। फाइव आइज़ गठबंधन में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड शामिल हैं। यह चेतावनी इन देशों की साइबर सुरक्षा प्रणालियों को मजबूत करने और एआई से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर देती है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई संचालित हमले अधिक तेज़ी से और प्रभावी ढंग से किए जा सकते हैं, जिससे बचाव मुश्किल हो जाएगा। इस खतरे को देखते हुए, फाइव आइज़ देश मिलकर इस चुनौती का सामना करने के लिए रणनीति बना रहे हैं।
