पश्चिमी देशों की पाँच खुफिया एजेंसियों ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित मॉडलों से होने वाले शक्तिशाली साइबर हमलों की आशंका व्यक्त की है। इन एजेंसियों का मानना है कि ये हमले निकट भविष्य में, कुछ महीनों के भीतर हो सकते हैं। मेदुज़ा के अनुसार, यह खतरा वर्षों में नहीं, बल्कि महीनों में वास्तविक होने की संभावना है। खुफिया एजेंसियों ने इस खतरे को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। AI मॉडल का उपयोग साइबर अपराधियों द्वारा किया जा सकता है, जिससे वे अधिक परिष्कृत और विनाशकारी हमले कर सकते हैं। यह चेतावनी वैश्विक साइबर सुरक्षा पर AI के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करती है। इस खतरे से निपटने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और उन्नत सुरक्षा उपायों की आवश्यकता है।