कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के विकास के कारण चिप की कमी हो गई है, जिसके परिणामस्वरूप एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी तकनीकी कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतें बढ़ा दी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रह सकती है। चिप की बढ़ती मांग के कारण आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ रहा है, जिससे उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है। एप्पल और माइक्रोसॉफ्ट ने इस लागत को ग्राहकों पर स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। यह मूल्य वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि इससे तकनीकी उत्पादों की पहुंच सीमित हो सकती है। उद्योग विश्लेषकों का कहना है कि अन्य तकनीकी कंपनियां भी जल्द ही इसी तरह के कदम उठा सकती हैं। इस स्थिति से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ने की संभावना है।