कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित चैटबॉट वर्तमान में भारी नुकसान में चल रहे हैं, लेकिन ये विज्ञापन के लिए एक अत्यंत प्रभावी माध्यम साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संयोजन उपभोक्ताओं के लिए हानिकारक हो सकता है। चैटबॉट्स में विज्ञापन के बढ़ते प्रभाव से उपयोगकर्ताओं की गोपनीयता और निर्णय लेने की क्षमता पर खतरा मंडरा रहा है। वर्तमान में, ये चैटबॉट महंगे हैं, लेकिन विज्ञापन राजस्व से लागत को कम किया जा सकता है। इस स्थिति में, विज्ञापनदाताओं का ध्यान उपयोगकर्ता अनुभव से हटकर लाभ कमाने पर केंद्रित हो सकता है। परिणामस्वरूप, उपभोक्ताओं को भ्रामक या अनावश्यक विज्ञापनों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे वे गलत निर्णय ले सकते हैं। यह 'मैट्रिक्स' या 'स्काईनेट' जैसे काल्पनिक खतरों से ज्यादा वास्तविक चिंता का विषय है।