वैश्विक पूंजीवाद अब पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के भविष्य पर केंद्रित हो गया है। इस बदलाव ने दुनिया भर के मतदाताओं के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है। AI क्षेत्र के कई प्रमुख विशेषज्ञों ने इस तकनीक की तीव्र प्रगति के प्रति आगाह किया है। उनका मानना है कि AI अब एक ऐसे चरण में प्रवेश कर सकता है जो संभावित रूप से खतरनाक हो। यह तकनीक जिस गति से विकसित हो रही है, वह नियंत्रण से बाहर होने का जोखिम पैदा करती है। वर्तमान निवेश और रणनीतियां पूरी तरह से AI की क्षमता पर टिकी हैं। विशेषज्ञों का तर्क है कि इस अनियंत्रित विकास से सामाजिक और आर्थिक अस्थिरता आ सकती है। अतः, इस नई तकनीकी लहर के खतरों को समझना और प्रबंधित करना अनिवार्य हो गया है।