डिजिटल फोरेंसिक विशेषज्ञ लाज़र चोव्स ने हेपी टीवी पर एआई प्रस्तुतकर्ताओं के इस्तेमाल पर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि यह एक गलत मिसाल कायम करता है, जिसे अन्य चैनल भी अपना सकते हैं। चोव्स के अनुसार, एआई प्रस्तुतकर्ता झूठ या प्रचार प्रसारित करने से इनकार करने में सक्षम नहीं हैं। यह स्थिति मीडिया में गलत सूचना के प्रसार को बढ़ावा दे सकती है। उन्होंने इस तकनीक के इस्तेमाल से उत्पन्न संभावित खतरों पर प्रकाश डाला। चोव्स ने इस बात पर जोर दिया कि एआई प्रस्तुतकर्ताओं की जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस मुद्दे पर आगे बहस और विनियमन की आवश्यकता है।
