सर्बिया के ‘हेपी’ टीवी चैनल पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा बनाए गए एंकरों को समाचार प्रस्तुत करते देखा गया। इन एंकरों को सर्बियाई नाम दिए गए हैं। यह घटना मीडिया जगत में एक नई बहस को जन्म दे रही है। फ़ैकल्टी ऑफ़ पॉलिटिकल साइंसेज (FPN) की प्रोफेसर अलेक्सांद्रा ने इस विषय पर अपनी चिंता व्यक्त की है। यह तकनीक समाचार प्रस्तुति के भविष्य और पत्रकारिता में इसकी भूमिका पर सवाल खड़े करती है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि यह प्रयोग किस उद्देश्य से किया गया था, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह तकनीक समाचारों को अधिक कुशलता से प्रसारित करने में मदद कर सकती है। हालांकि, इससे नौकरी छूटने और गलत सूचना फैलने का खतरा भी बढ़ सकता है।