एक माँ ने नौकरी, वित्त और व्यक्तिगत चिंताओं को लेकर चैटजीपीटी पर भरोसा किया। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) द्वारा दी गई सलाह पर नौकरी छोड़ने के बाद, वह अब अपने फैसले पर पछता रही है। उसने एआई पर अत्यधिक निर्भरता के खतरों के बारे में चेतावनी जारी की है। महिला का कहना है कि उसने चैटजीपीटी की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय लिया। अब वह इस बात को लेकर चिंतित है कि भविष्य में वह अपने वित्तीय दायित्वों को कैसे पूरा करेगी। इस घटना ने एआई पर आँख मूंदकर विश्वास करने के जोखिमों पर प्रकाश डाला है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई एक सहायक उपकरण हो सकता है, लेकिन महत्वपूर्ण जीवन निर्णय लेने से पहले मानवीय विवेक और सलाह आवश्यक है।