प्रसिद्ध बंगाली लेखक अहमद सफ़ा का कालजयी उपन्यास ‘सूर्य तुम साथी’ 1967 में लिखा गया था। उपन्यास सफ़ा ने मात्र 21-22 वर्ष की आयु में रचा था। यह कृति किसी एक व्यक्ति या घटना पर केंद्रित नहीं है, बल्कि यह एक दूरस्थ ग्रामीण परिवेश को अत्यंत सूक्ष्मता से पाठकों के सामने प्रस्तुत करती है। वर्चुअल पाठचक्र में इस उपन्यास के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह उपन्यास बंगाली साहित्य में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है और ग्रामीण जीवन के चित्रण के लिए जाना जाता है। पाठचक्र में साहित्य प्रेमियों ने सफ़ा की लेखन शैली और उपन्यास के संदेश पर अपने विचार साझा किए।