चेक कंपनी आग्रोफर्ट के स्वामित्व को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। कंपनी के मालिक, पूर्व प्रधानमंत्री आंद्रेज बाबीश पर हितों के टकराव के आरोप लगे थे, जिसके कारण उन्होंने अपने बच्चों के नाम पर कंपनी का स्वामित्व हस्तांतरित कर दिया। आलोचकों का कहना है कि यह कदम केवल कानूनी जटिलताओं से बचने के लिए उठाया गया था। बाबीश ने इस कदम को व्यक्तिगत बताते हुए कहा है कि यह उनका पारिवारिक मामला है। इस हस्तांतरण के बाद, कंपनी के भविष्य और पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यूरोपीय संघ ने पहले भी आग्रोफर्ट को प्राप्त सब्सिडी को लेकर जांच की थी। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही की संभावना बनी हुई है।