इंडोनेशिया की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कृषि क्षेत्र और सहकारी समितियों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। 1984 में इंडोनेशिया ने खाद्य आत्मनिर्भरता हासिल की थी, और इसमें सहकारी समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका थी। सरकार का मानना है कि कृषि और सहकारी समितियों का विकास राष्ट्रीय आर्थिक स्वतंत्रता की कुंजी है। ग्रामीण इकाई सहकारी समितियां (KUD) इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। इन समितियों को मजबूत करने से किसानों को बेहतर सहायता मिलेगी और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी। आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए कृषि क्षेत्र में निवेश और आधुनिक तकनीक का उपयोग आवश्यक है। यह कदम इंडोनेशिया को वैश्विक आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में मदद करेगा।
