इस विश्व कप में कई अनुभवी खिलाड़ी भाग ले रहे हैं, जिसके कारण फीफा को मैचों को चार भागों में विभाजित करना पड़ा है। प्रत्येक हाफ के बीच ‘कूलिंग ब्रेक’ भी रखे गए हैं, जो खिलाड़ियों की शारीरिक क्षमता के महत्व को दर्शाता है। यह कदम खिलाड़ियों पर बढ़ते शारीरिक दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अनुभवी खिलाड़ियों वाली टीमों को थकान का खतरा अधिक हो सकता है। लगातार मैचों के दबाव में, इन खिलाड़ियों को अपनी ऊर्जा का प्रबंधन करने में कठिनाई हो सकती है। इससे उनकी प्रदर्शन क्षमता प्रभावित हो सकती है और वे जल्दी थक सकते हैं। फीफा का यह निर्णय खिलाड़ियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत है।
