इस बार के विश्व कप में अभूतपूर्व रूप से आठ खिलाड़ी 40 वर्ष या उससे अधिक उम्र के हैं। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह रिकॉर्ड आधुनिक खेल चिकित्सा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के उपयोग के कारण संभव हो पाया है। पहले कभी भी इतने अधिक उम्रदराज खिलाड़ी किसी विश्व कप में एक साथ नहीं खेले थे। खेल चिकित्सा में प्रगति से खिलाड़ियों की रिकवरी और प्रदर्शन क्षमता में सुधार हुआ है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग प्रशिक्षण और रणनीति को अनुकूलित करने में सहायक रहा है। इससे खिलाड़ियों को लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिली है। यह घटना खेल में उम्र के प्रभाव और तकनीकी प्रगति के महत्व को दर्शाती है।