स्वीडिश स्वास्थ्य एजेंसी की एक अधिकारी, बिरगिट्टा एड-कोप्पलेट, को ‘अस्तित्वगत स्वास्थ्य’ नामक एक नई पहल पर संदेह व्यक्त करने के बाद बर्खास्त कर दिया गया। यह पहल, जिसका उद्देश्य लोगों के जीवन में अर्थ और उद्देश्य की भावना को बढ़ावा देना है, पर एड-कोप्पलेट ने वैज्ञानिक आधार और प्रभावशीलता को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने एजेंसी के भीतर इस मुद्दे पर अपनी असहमति व्यक्त की, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें पद से हटा दिया गया। इस बर्खास्तगी ने स्वीडन में बहस छेड़ दी है, जिसमें कुछ लोग इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बता रहे हैं, जबकि अन्य एजेंसी के निर्णय का समर्थन कर रहे हैं। एड-कोप्पलेट का कहना है कि उनकी बर्खास्तगी उनके विचारों के कारण हुई है। इस मामले ने सार्वजनिक स्वास्थ्य नीतियों में वैज्ञानिक आलोचना और आंतरिक असहमति की भूमिका पर सवाल खड़े कर दिए हैं। एजेंसी ने अभी तक इस मामले पर विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
