लेखक जोएल योस्टेबो ने अफ़्तेनपोस्टेन अखबार में घटिया टिप्पणियों को लेकर अपनी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि अखबार में हो रही टिप्पणियां किसी सामान्य टिप्पणी अनुभाग से भी बदतर हैं, जो अफ़्तेनपोस्टेन की प्रतिष्ठा के अनुरूप नहीं है। योस्टेबो ने रॉसविक द्वारा उन्हें “अंधेरे में अंधेरा आदमी” कहे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त की है, और इसे अनुचित बताया है। उन्होंने इस तरह की व्यक्तिगत आलोचना को अखबार में स्वीकार्य नहीं बताया। यह घटना अफ़्तेनपोस्टेन में सार्वजनिक संवाद और पत्रकारिता नैतिकता पर सवाल उठाती है। योस्टेबो का लेख अखबार में स्वस्थ बहस और सम्मानजनक संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर ज़ोर देता है। इस मामले ने नार्वे के मीडिया जगत में चर्चा छेड़ दी है।