घाना के प्रोफेसर जॉन अमुआसी ने म्यूनिख में आयोजित एक प्रमुख नवाचार सम्मेलन में कहा है कि अफ्रीका में वैश्विक स्वास्थ्य सेवा में सुधार के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग करने की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि अफ्रीका में विश्व की 70 प्रतिशत से अधिक आनुवंशिक विविधता मौजूद है, इसलिए AI सिस्टम बनाते समय इस विविधता को ध्यान में रखना आवश्यक है। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो AI सिस्टम त्रुटिपूर्ण डेटा पर आधारित होगा और उसका प्रदर्शन खराब होगा, साथ ही यह हानिकारक भी साबित हो सकता है। प्रोफेसर अमुआसी ने निवेशकों, शोधकर्ताओं और नीति निर्माताओं को इस महत्वपूर्ण वैज्ञानिक वास्तविकता से अवगत कराया। इस सम्मेलन में बवेरिया के मंत्री-राष्ट्रपति मार्कस सोडर और 2023 के भौतिकी नोबेल पुरस्कार विजेता फ़ेरेन्क क्राउज़ जैसे प्रतिष्ठित वक्ता भी शामिल थे। उनका मानना है कि अफ्रीका, अपनी अनूठी आनुवंशिक विविधता के कारण, AI-आधारित स्वास्थ्य नवाचार में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
