इस विश्व कप में अफ्रीकी खिलाड़ियों का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है, भले ही वे अफ्रीकी देशों का प्रतिनिधित्व न कर रहे हों। फ़्रांस और सेनेगल के बीच हुए मैच में, शुरुआती एकादश के 22 खिलाड़ियों में से 20 की जड़ें अफ्रीका में हैं। यह आँकड़ा अफ्रीकी प्रतिभा के वैश्विक फुटबॉल में बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है। एक सेनेगल समर्थक ने 'डीएन' से कहा कि परिणाम चाहे जो भी हो, अफ्रीका पहले से ही जीत चुका है। यह बयान अफ्रीकी समुदाय में गर्व और आत्मविश्वास की भावना को व्यक्त करता है। इस विश्व कप में अफ्रीकी खिलाड़ियों का योगदान खेल जगत के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो रहा है। यह दर्शाता है कि फुटबॉल अब केवल देशों के बीच का खेल नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक प्रतिभा का उत्सव है।
