अफ़गानिस्तान में 15 अगस्त 2021 को तालिबान के सत्ता में लौटने के बाद से महिलाओं को देश में दूसरे दर्जे के नागरिक बना दिया गया है। तालिबान ने महिलाओं से समानता का वादा किया था, लेकिन उन्होंने उनकी सभी स्वतंत्रताएँ छीन ली हैं। पाँच वर्षों के बाद भी, स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक जीवन से वंचित कर दिया गया है। वे घर की चारदीवारी तक सीमित हैं और उनके अधिकारों का लगातार उल्लंघन हो रहा है। अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त की है, लेकिन तालिबान शासन में कोई सुधार नहीं देखा गया है। महिलाओं के भविष्य को लेकर आशंकाएं बढ़ रही हैं।

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