वित्तीय वर्ष 2026 में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच पारगमन व्यापार ऐतिहासिक रूप से निम्न स्तर पर पहुँच गया है। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, यह गिरावट राजनीतिक तनाव और व्यापार नीतियों में बदलाव के कारण हुई है। अफगानिस्तान अब अपनी वस्तुओं के आयात और निर्यात के लिए ईरान के मार्गों पर अधिक निर्भर हो रहा है। पाकिस्तान के माध्यम से होने वाले व्यापार में भारी कमी आई है, जिससे पाकिस्तान के राजस्व को भी नुकसान हुआ है। काबुल, ईरान के रास्ते व्यापार को प्राथमिकता दे रहा है क्योंकि यह अधिक सुविधाजनक और कम खर्चीला माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रवृत्ति से क्षेत्रीय व्यापार संबंधों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा। भविष्य में, इस स्थिति को सुधारने के लिए दोनों देशों के बीच बेहतर तालमेल और व्यापार अनुकूल नीतियों की आवश्यकता है।

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