संयुक्त राष्ट्र के विशेषज्ञों ने अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा महिलाओं पर लगाए गए प्रतिबंधों की कड़ी निंदा की है। नैतिकता पुलिस द्वारा महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने के प्रयासों में वृद्धि देखी गई है, जिसमें ड्रेस कोड का उल्लंघन करने वालों को निशाना बनाया जा रहा है। विशेषज्ञों ने इन कार्रवाइयों को मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताया है और महिलाओं की स्वतंत्रता को सीमित करने की चेतावनी दी है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर बढ़ते प्रतिबंधों पर चिंता व्यक्त की है। संयुक्त राष्ट्र ने तालिबान से तत्काल इन दमनकारी नीतियों को समाप्त करने और महिलाओं के अधिकारों का सम्मान करने का आह्वान किया है। यह कार्रवाई महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण प्रथाओं की एक श्रृंखला का हिस्सा है, जो अफगानिस्तान में लैंगिक समानता को गंभीर रूप से खतरे में डाल रही है। विशेषज्ञों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अफगानिस्तान में महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होने का आग्रह किया है।