सैयद मुज्तबा अली के उपन्यास ‘शबनम’ पर एक गहन चर्चा आयोजित की गई, जिसमें कहानी, पात्रों, भाषा शैली और मानवीय पहलुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। यह उपन्यास अफगानिस्तान की पृष्ठभूमि पर आधारित मजनूँ और शबनम की एक मार्मिक प्रेम कहानी है। चर्चा में त्याग, प्रतीक्षा, विरह और आत्म-सम्मान जैसे विषयों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला गया। उपन्यास की काव्यात्मक भाषा और सांस्कृतिक प्रस्तुति की सभी ने सराहना की। प्रतिभागियों ने उपन्यास को केवल एक प्रेम कहानी के रूप में न देखकर, मानवीय संबंधों की जटिलताओं को उजागर करने वाला एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्य माना। यह कृति प्रेम और जीवन के गहरे अर्थों को समझने के लिए प्रेरित करती है।
