अफ़ग़ानिस्तान को अक्सर युद्ध और त्रासदी के दृष्टिकोण से ही देखा जाता है, लेकिन फ़िल्म ‘नो गुड मेन’ इस छवि को बदलने का प्रयास करती है। यह फ़िल्म हास्य और मानवीय भावनाओं के माध्यम से सामान्य जीवन जीने की कोशिश कर रहे लोगों की एक मार्मिक कहानी प्रस्तुत करती है। स्क्रीनराइटर और अभिनेता अनवर हाशमी ने साराजेवो में आयोजित ओपन एयर कार्यक्रम में फ़िल्म का प्रदर्शन किया। हाशमी का कहना है कि यह फ़िल्म समानता के लिए एक संघर्ष है। यह फ़िल्म अफ़ग़ानिस्तान की एक अलग तस्वीर दिखाती है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है। ‘नो गुड मेन’ युद्ध से त्रस्त देश में आशा और लचीलेपन की कहानी कहती है। यह फ़िल्म मानवीय मूल्यों और सकारात्मकता को बढ़ावा देती है।