मेक्लेनबर्ग-वोर्पोमेर्न में एएफ़डी के दो प्रमुख उम्मीदवार मित्रतापूर्ण और संयमित व्यवहार कर रहे हैं। वे अपनी छवि को नरम और उदारवादी दिखाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, पार्टी का क्षेत्रीय संगठन बिलकुल अलग है। यह संगठन अधिक कट्टरपंथी और उग्रवादी विचारों का समर्थन करता है। इस विरोधाभास से पता चलता है कि पार्टी जनता के सामने एक अलग छवि पेश करने की कोशिश कर रही है, जबकि आंतरिक रूप से उसकी विचारधारा में कोई बदलाव नहीं आया है। यह मामला राजनीतिक विश्लेषकों के लिए चिंता का विषय है, क्योंकि यह दर्शाता है कि पार्टी अपनी चरमपंथी नीतियों को छिपाने और अधिक मतदाताओं को आकर्षित करने के लिए रणनीति का उपयोग कर रही है। यह स्थिति जर्मनी की राजनीति में ध्रुवीकरण को बढ़ावा दे सकती है।