जर्मनी के एआरडी चैनल पर टिनो चर्पाला के साथ हुई ग्रीष्मकालीन साक्षात्कार के बाद लोगों को लग रहा था कि स्थिति और बदतर नहीं हो सकती, लेकिन फिर एलिस वेइडेल आईं। इस साक्षात्कार में चर्पाला और वेइडेल दोनों ने भड़काऊ बातें कीं और नफ़रत फैलाने वाले बयान दिए। यह इंटरव्यू पीक टाइम पर प्रसारित किया गया था, जिससे विवाद और बढ़ गया। आलोचकों का कहना है कि यह दोनों राजनेता चरमपंथी विचारों को बढ़ावा दे रहे हैं। इस इंटरव्यू ने जर्मन राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। इस घटना से एआरडी चैनल की निष्पक्षता पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस तरह के बयानों से समाज में विभाजन और बढ़ सकता है।