जर्मन संसद में श्रम मंत्री बारबेल बास के इस्तीफे पर हो रही बहस के दौरान, एएफ़डी (AfD) के एक सदस्य, श्री स्प्रिंगर ने अप्रत्याशित रूप से बारबेल बास को राहत पहुंचाई। स्प्रिंगर के भड़काऊ बयानों के कारण, अब बास के पहले दिए गए विवादास्पद बयानों पर ध्यान कम हो गया है। बहस का केंद्र अब स्प्रिंगर के व्यवहार पर केंद्रित हो गया है, जिससे बास पर से दबाव कम हो गया है। आलोचकों का कहना है कि एएफ़डी ने अनजाने में ही बास को एक बड़ी सहायता प्रदान की है। इस घटनाक्रम ने राजनीतिक चर्चा को एक नए मोड़ पर ला दिया है। अब, स्प्रिंगर के बयानों की आलोचना हो रही है और बास के पुराने विवादित बयान पृष्ठभूमि में चले गए हैं। यह स्थिति बास के लिए एक अप्रत्याशित लाभ साबित हो सकती है।