स्‍पेनिश अभिनेत्री एस्‍टर एक्‍स्‍पोसिटो ने हाल ही में बैड बनी की ‘ला कासिटा’ में नाचने पर उठने वाली आलोचनाओं का कड़ा जवाब दिया है। उन्‍होंंने ‘अल सिएलो कोन एला’ नामक कार्यक्रम में इस विवाद को खत्‍म करते हुए कहा कि नारीवादी होने के साथ-साथ रेगेटन का आनंद लेना और खुलकर नाचना संभव है। एक्‍स्‍पोसिटो ने उन लोगों की आलोचना का खंडन किया जो उनका मानना ​​है कि उनका नृत्य नारीवादी सिद्धांतों के विपरीत है। उन्‍होंंने जोर देकर कहा कि संगीत और व्‍यक्तिगत पसंद में कोई विरोधाभास नहीं है। इस बयान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है, जहां समर्थकों और आलोचकों ने अपनी राय व्‍यक्‍त की है। एक्‍स्‍पोसिटो का यह रुख महिलाओं की स्‍वतंत्रता और अपनी पसंद के अनुसार जीवन जीने के अधिकार पर जोर देता है। उन्‍होंंने इस मामले को स्‍पष्‍ट करते हुए कहा कि वह अपनी पसंद के लिए किसी से माफी नहीं मांगेंगी।