जन अधिकार परिषद के महासचिव ने चेतावनी दी है कि यदि सत्तारूढ़ आवामी लीग के सामान्य कार्यकर्ता विदेश में छिपे हुए नेताओं के उकसावे में आ जाते हैं, तो वे शांति से नहीं रह पाएंगे। परिषद ने आरोप लगाया है कि ये नेता विदेशों से भड़काऊ बयान देकर पार्टी कार्यकर्ताओं को अस्थिर करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से पार्टी में अशांति फैल सकती है और कार्यकर्ताओं के बीच असंतोष बढ़ सकता है। परिषद ने कार्यकर्ताओं से संयम बरतने और किसी भी भड़काऊ बयान पर ध्यान न देने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व को इस मामले में हस्तक्षेप करना चाहिए और स्थिति को नियंत्रण में लाना चाहिए। परिषद ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी ऐसी गतिविधि का समर्थन नहीं करते हैं जो पार्टी की शांति और स्थिरता को खतरे में डालती है। उनका उद्देश्य पार्टी के भीतर एकता बनाए रखना और विकास कार्यों को जारी रखना है।