एक्टिविस्ट वांगचुक की पत्नी ने अदालत में याचिका दायर की है, जिसमें उनके पति को किसी निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया गया है। उनका आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने उनकी सेहत बिगड़ने के बाद उन्हें एक सरकारी अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा है। वांगचुक भूख हड़ताल पर बैठे थे जिसके कारण उनकी तबीयत खराब हो गई थी। पत्नी का कहना है कि सरकारी अस्पताल में उचित देखभाल मिलने की संभावना कम है। उन्होंने अदालत से हस्तक्षेप करने और वांगचुक की बेहतर चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने की अपील की है। यह मामला उनकी अवैध हिरासत और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं से जुड़ा हुआ है। अदालत इस मामले पर आगे की सुनवाई करेगी।