एक व्यक्ति, जिस पर एक पार्टी के बाद एक महिला के साथ बलात्कार का आरोप था, अदालत ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है। अब, अभियोजन पक्ष ने इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील दायर की है। मामले में, आरोपी ने एक पार्टी के बाद एक महिला को उसके घर छोड़ा था, जिसके बाद दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध बने थे। हालांकि, बाद में महिला ने आरोप लगाया कि सहमति नहीं थी और यह बलात्कार था। निचली अदालत ने महिला के आरोपों को साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं पाए। अभियोजन पक्ष का तर्क है कि अदालत ने सबूतों का सही मूल्यांकन नहीं किया और फैसले में त्रुटि हुई है। अब उच्च न्यायालय इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगा और अंतिम फैसला सुनाएगा।
