प्रसिद्ध प्रोफेसर एंटेनोर आल्वेरेज आल्डरटे ने छात्रों के लिए साहित्यिक चोरी के आरोपों के गंभीर परिणामों पर प्रकाश डाला है। उनका मानना है कि इस तरह का आरोप छात्रों के शैक्षणिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकता है। प्रोफेसर आल्वेरेज ने छात्रों को मौलिकता और उचित उद्धरण के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से भी साहित्यिक चोरी का पता लगाने और रोकने के लिए प्रभावी उपाय करने का आग्रह किया। उनका कहना है कि छात्रों को उचित मार्गदर्शन और संसाधन प्रदान किए जाने चाहिए ताकि वे अनजाने में भी साहित्यिक चोरी से बच सकें। यह साक्षात्कार लिमा ग्रिस में प्रकाशित हुआ था, जिसमें प्रोफेसर आल्वेरेज के विचारों को विस्तार से बताया गया है। साहित्यिक चोरी के आरोपों से छात्रों के भविष्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करने की आवश्यकता पर उन्होंने बल दिया।
