पूर्व सैन्य शासक जनरल अबुबकर के आत्मकथा "कॉल ऑफ ड्यूटी" में नाइजीरियाई गृहयुद्ध के दौरान ओजुक्वु द्वारा गोवन को राष्ट्रप्रमुख के रूप में मान्यता देने से इनकार करने के कारणों का खुलासा किया गया है। यह खुलासा अबुबकर के 84वें जन्मदिन पर अबुजा में पुस्तक के सार्वजनिक विमोचन के दौरान हुआ। अबुबकर की आत्मकथा में इस ऐतिहासिक घटनाक्रम पर प्रकाश डाला गया है। पुस्तक में उन परिस्थितियों और राजनीतिक तनावों का विवरण दिया गया है जिनके कारण ओजुक्वु ने गोवन की सरकार को स्वीकार करने से इनकार कर दिया था। यह प्रकाशन नाइजीरिया के इतिहास के इस महत्वपूर्ण काल की समझ को गहरा करता है। "कॉल ऑफ ड्यूटी" में अबुबकर के अनुभवों और विचारों को विस्तार से बताया गया है। यह जानकारी वanguard न्यूज़ में प्रकाशित हुई है।