पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट पिछले दो हफ़्तों से फिर से राजनीतिक चर्चा में हैं। उनकी वापसी के साथ ही पुरानी रंजिशें और मतभेद फिर से सतह पर आ गए हैं। एबॉट की वन नेशन पार्टी के प्रति रणनीति ‘असहमतियों को स्वीकार कर आगे बढ़ना’ वाली दिख रही है। उन्होंने पार्टी की प्राथमिकताओं को स्वीकार करने का रुख अपनाया है, भले ही व्यक्तिगत रूप से उनसे सहमति न हो। यह रुख पार्टी के भीतर एकता बनाए रखने और राजनीतिक लाभ उठाने के उद्देश्य से उठाया गया प्रतीत होता है। एबॉट फिलहाल विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर रहे हैं और लोगों की राय जानने की कोशिश कर रहे हैं। इस दौरे से उनकी आगे की रणनीति और रुख स्पष्ट होने की संभावना है।