तसुआ, शिया समुदाय में एक महत्वपूर्ण दिन है जो कर्बला की लड़ाई में इमाम हुसैन के भाई अब्बास इब्न अली की वीरता और निष्ठा को समर्पित है। अब्बास ने अपने भाई और उनके साथियों की रक्षा के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी थी। यह दिन त्याग और प्रतिरोध की भावना का प्रतीक माना जाता है। शिया मुसलमान इस दिन अब्बास की कुर्बानियों को याद करते हैं और उनकी शहादत पर शोक व्यक्त करते हैं। तसुआ को शिया इतिहास में वफ़ादारी और प्रतिरोध का प्रतीक माना जाता है। यह दिन कर्बला की घटना की याद दिलाता है और धार्मिक महत्व रखता है। इस अवसर पर विशेष प्रार्थनाएं और जुलूस निकाले जाते हैं।