यह लेख तंजपूर्ण लहजे में रविवार की सुबह की शुरुआत का वर्णन करता है, जहाँ लोग अक्सर हैंगओवर या बार-बार भेजे जाने वाले व्हाट्सएप संदेशों के साथ दिन की शुरुआत करते हैं। यह 'दैनिक समाचार' में प्रकाशित एक महत्वपूर्ण लेख की ओर इशारा करता है। लेख का शीर्षक है "एक राष्ट्र जिसने अपनी बेटियों को भुला दिया।" यह संभवतः समाज में महिलाओं की स्थिति और उनके महत्व को पहचानने में विफलता पर एक टिप्पणी है। यह पाठकों को इस विषय पर गहराई से सोचने के लिए प्रेरित करता है, जो शायद उन्हें पहले पता भी नहीं था कि उन्हें जानने की ज़रूरत है। इस लेख का उद्देश्य एक महत्वपूर्ण मुद्दे को उजागर करना और राष्ट्रीय स्तर पर चिंतन को बढ़ावा देना है।