याकोब ने प्रतिष्ठित खोजी पत्रकार सुआद मेखनेत के साथ 9/11 के बाद से जिहादी चरमपंथ के विकास और "आतंक के खिलाफ युद्ध" से पश्चिमी देशों ने क्या सीखा, इस पर चर्चा की। यह बातचीत 9/11 की घटना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। मेखनेत ने बताया कि कैसे 9/11 हमलों के बाद, पश्चिमी देशों ने आतंकवाद से निपटने के लिए कई रणनीतियाँ अपनाईं, लेकिन कुछ रणनीतियाँ विवादास्पद साबित हुईं। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे चरमपंथी विचारधाराएँ विकसित हुई हैं और ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से फैल रही हैं। याकोब और मेखनेत ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि आतंकवाद से निपटने के लिए एक बहुआयामी दृष्टिकोण की आवश्यकता है, जिसमें खुफिया जानकारी, कानून प्रवर्तन और सामुदायिक जुड़ाव शामिल है। इस बातचीत का उद्देश्य 9/11 के सबक को याद दिलाना और भविष्य में होने वाले हमलों को रोकने के लिए बेहतर तैयारी करना है। यह "टाइम्स ऑफ़ इज़राइल" में प्रकाशित हुई थी।

English
Français
Español
हिन्दी
中文