११ सितंबर २००१ को सुबह ७:५९ बजे और ८:४२ बजे के बीच, चार यात्री उड़ानें अमेरिकी हवाई अड्डों से रवाना हुईं। कुछ ही घंटों बाद, दुनिया बदल गई। ये उड़ानें, जिनमें आम नागरिक यात्रा कर रहे थे, आतंकवादियों द्वारा अपहरण कर ली गईं और विनाशकारी हमलों में इस्तेमाल की गईं। ये घटनाएं संयुक्त राज्य अमेरिका के इतिहास में सबसे दुखद और महत्वपूर्ण घटनाओं में से एक बन गईं। इस दिन की घटनाओं ने वैश्विक सुरक्षा नीतियों और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को गहराई से प्रभावित किया। हमलों के परिणामस्वरूप हज़ारों लोगों की जान चली गई और व्यापक विनाश हुआ। यह त्रासदी दुनिया भर के लोगों को सदमे और दुख में छोड़ गई।