अमेरिकी सैन्य न्यायाधीश ने खालिद शेख मोहम्मद द्वारा दिए गए ११ सितंबर के हमलों से संबंधित बयानों को अस्वीकार कर दिया है। मोहम्मद पर हमलों की साजिश रचने का आरोप है। न्यायाधीश ने माना कि ये बयान यातना के तहत दिए गए थे, इसलिए इन्हें अदालत में प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इस फैसले से गुआंतानामो बे सैन्य न्यायाधिकरण में चल रहे मुकदमे पर महत्वपूर्ण असर पड़ सकता है। बचाव पक्ष के वकीलों ने इस फैसले का स्वागत किया है, जबकि अभियोजन पक्ष इस निर्णय के खिलाफ अपील करने पर विचार कर रहा है। इस मामले में आगे की कार्यवाही अब इन बयानों के अभाव में होगी। इस फैसले से मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने भी राहत व्यक्त की है, जो यातना के इस्तेमाल के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं।