नौ वर्षीय आरफा का जीवन तबाह हो गया है, जब उसने पहले अपनी माँ को खो दिया और अब डेंगू की चपेट में आने से अपने पिता को भी खो दिया है। आरफा अब अपनी दादी और चाचाओं के साथ रह रही है। वह अपने पिता के साथ ली गई तस्वीरों और दो कब्रों की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में रखती है, और कहती है कि उसे अब कुछ भी अच्छा नहीं लगता। यह घटना पश्चिम बंगाल में घटित हुई है और यह डेंगू के खतरे और उसके विनाशकारी परिणामों पर प्रकाश डालती है। इस त्रासदी ने आरफा को अनाथ बना दिया है, और वह अपने प्रियजनों के नुकसान से जूझ रही है। स्थानीय समुदाय और परिवार आरफा को सहारा देने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उसका दुख अपार है। यह घटना स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और डेंगू के प्रसार को रोकने की आवश्यकता पर भी जोर देती है।