संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, २०२६ की शुरुआत से लेकर अब तक दुनिया भर में ८२ मानवीय सहायता कर्मियों की जान चली गई है। इसके अतिरिक्त, ९७ सहायता कर्मी घायल हुए हैं और ३९ का अपहरण किया गया है। यह आँकड़ा संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (UN OCHA) द्वारा जारी किया गया है। यह मानवीय कार्यकर्ताओं के लिए बढ़ती असुरक्षा पर प्रकाश डालता है, जो अक्सर संघर्ष क्षेत्रों और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और मानवीय कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आह्वान किया है। यह घटनाक्रम मानवीय सहायता कार्यों में आने वाली चुनौतियों को दर्शाता है और जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुँचाने की क्षमता को प्रभावित करता है। संगठनों ने इस मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की है।